कक्षा 10 इतिहास — अध्याय 2

भारत में राष्ट्रवाद

Practice Set 4 — Hindi Medium

कक्षा: 10वीं   |   विषय: इतिहास   |   अध्याय: भारत में राष्ट्रवाद

कुल प्रश्न: 30   |   कुल अंक: 30   |   स्तर: NCERT + Board + Competitive

निर्देश: प्रत्येक प्रश्न का एक सही उत्तर चुनें। Submit करने के बाद आपका परिणाम और सभी प्रश्नों की व्याख्या दिखाई जाएगी।

भाग A — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. असहयोग आंदोलन के दौरान अवध के किसानों की प्रमुख समस्या क्या थी?

सही उत्तर: B
अवध के किसानों को ऊँचे लगान और बेगार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

2. बाबा रामचंद्र कौन थे?

सही उत्तर: B
बाबा रामचंद्र एक संन्यासी थे और उन्होंने अवध के किसानों के आंदोलन का नेतृत्व किया।

3. अवध किसान सभा का गठन कब हुआ?

सही उत्तर: B
अवध किसान सभा का गठन अक्टूबर 1920 में हुआ था।

4. गुडेम पहाड़ियों में आदिवासी आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

सही उत्तर: C
आंध्र प्रदेश की गुडेम पहाड़ियों में आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व अल्लूरी सीताराम राजू ने किया।

5. अल्लूरी सीताराम राजू के आंदोलन की प्रमुख विशेषता क्या थी?

सही उत्तर: B
गुडेम क्षेत्र में आदिवासियों ने अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में गुरिल्ला संघर्ष अपनाया।

6. असम के चाय बागान मजदूरों को किस कानून के कारण बागान छोड़ने की स्वतंत्रता नहीं थी?

सही उत्तर: B
इनलैंड इमीग्रेशन एक्ट, 1859 के तहत चाय बागान मजदूरों की आवाजाही पर नियंत्रण था।

7. स्वराज पार्टी की स्थापना किन नेताओं ने की?

सही उत्तर: B
सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने स्वराज पार्टी के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

8. साइमन कमीशन का भारत में व्यापक विरोध क्यों हुआ?

सही उत्तर: A
साइमन कमीशन में एक भी भारतीय सदस्य नहीं था, जिसके कारण इसका व्यापक विरोध हुआ।

9. दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने क्या घोषित किया?

सही उत्तर: B
लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया गया।

10. दांडी मार्च का मुख्य उद्देश्य क्या था?

सही उत्तर: B
गांधीजी ने नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की।

भाग B — कालानुक्रमिक क्रम

11. निम्न घटनाओं को सही कालानुक्रमिक क्रम में लगाइए:

1. चंपारण सत्याग्रह
2. खेड़ा सत्याग्रह
3. असहयोग आंदोलन
4. दांडी मार्च

सही उत्तर: A
चंपारण (1917) → खेड़ा (1918) → असहयोग (1920-22) → दांडी मार्च (1930)।

12. सही क्रम चुनिए:

1. साइमन कमीशन
2. लाहौर कांग्रेस अधिवेशन
3. दांडी मार्च
4. गांधी-इरविन समझौता

सही उत्तर: A
साइमन कमीशन (1928) → लाहौर अधिवेशन (1929) → दांडी मार्च (1930) → गांधी-इरविन समझौता (1931)।

13. निम्न घटनाओं का सही क्रम क्या है?

1. असहयोग आंदोलन की वापसी
2. स्वराज पार्टी का गठन
3. साइमन कमीशन का आगमन
4. पूर्ण स्वराज की घोषणा

सही उत्तर: A
असहयोग आंदोलन वापसी (1922) → स्वराज पार्टी (1923) → साइमन कमीशन (1928) → पूर्ण स्वराज (1929)।

14. 1930 की घटनाओं को सही क्रम में लगाइए:

1. 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया
2. गांधीजी ने इरविन को 11 माँगों वाला पत्र भेजा
3. दांडी में नमक कानून तोड़ा गया

सही उत्तर: A
26 जनवरी 1930 → 31 जनवरी 1930 → 6 अप्रैल 1930।

15. निम्न को सही क्रम में लगाइए:

1. चंपारण सत्याग्रह
2. अहमदाबाद मिल हड़ताल
3. खेड़ा सत्याग्रह
4. रॉलेट सत्याग्रह

सही उत्तर: A
चंपारण (1917) → खेड़ा (1918) → अहमदाबाद (1918) → रॉलेट सत्याग्रह (1919)।

भाग C — मिलान कीजिए

16. सही मिलान कीजिए:

स्तंभ I स्तंभ II
A. बाबा रामचंद्र 1. गुडेम पहाड़ियाँ
B. अल्लूरी सीताराम राजू 2. अवध किसान आंदोलन
C. सी. आर. दास 3. स्वराज पार्टी
D. महात्मा गांधी 4. सत्याग्रह
सही उत्तर: A
बाबा रामचंद्र–अवध, अल्लूरी–गुडेम, सी. आर. दास–स्वराज पार्टी, गांधी–सत्याग्रह।

17. सही मिलान कीजिए:

नेता संबंधित कार्य/घटना
A. जवाहरलाल नेहरू 1. लाहौर कांग्रेस
B. मोतीलाल नेहरू 2. स्वराज पार्टी
C. बाबा रामचंद्र 3. अवध किसान आंदोलन
D. अल्लूरी सीताराम राजू 4. गुडेम विद्रोह
सही उत्तर: A
सभी नेताओं का अपने-अपने आंदोलन/घटना से सही संबंध दिया गया है।

18. सही मिलान कीजिए:

घटना वर्ष
A. चंपारण सत्याग्रह 1. 1917
B. रॉलेट एक्ट 2. 1919
C. असहयोग आंदोलन 3. 1920
D. दांडी मार्च 4. 1930
सही उत्तर: A
चंपारण–1917, रॉलेट एक्ट–1919, असहयोग–1920, दांडी मार्च–1930।

भाग D — Assertion & Reason

19. कथन (A): असहयोग आंदोलन शहरों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा।
कारण (R): वैकल्पिक भारतीय संस्थाएँ पर्याप्त तेजी से नहीं बन सकीं और खादी महँगी थी।

सही उत्तर: A
वैकल्पिक संस्थाओं की कमी और खादी की कीमत ने आंदोलन के शहरी प्रभाव को सीमित किया।

20. कथन (A): साइमन कमीशन का भारत में व्यापक विरोध हुआ।
कारण (R): साइमन कमीशन में कोई भारतीय सदस्य नहीं था।

सही उत्तर: A
कमीशन में भारतीय प्रतिनिधित्व न होने के कारण इसका विरोध हुआ।

21. कथन (A): गांधीजी ने नमक को सविनय अवज्ञा आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक बनाया।
कारण (R): नमक अमीर और गरीब दोनों के लिए आवश्यक वस्तु थी।

सही उत्तर: A
नमक सभी वर्गों के लिए आवश्यक था, इसलिए यह राष्ट्रीय एकता का शक्तिशाली प्रतीक बना।

22. कथन (A): अल्लूरी सीताराम राजू ने अहिंसक आंदोलन के बजाय सशस्त्र संघर्ष का समर्थन किया।
कारण (R): उनका विश्वास था कि बल प्रयोग के माध्यम से ही औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी जा सकती है।

सही उत्तर: A
राजू गांधीजी से प्रभावित थे, लेकिन संघर्ष के तरीके के रूप में उन्होंने सशस्त्र गुरिल्ला प्रतिरोध अपनाया।

23. कथन (A): स्वराज पार्टी ने विधान परिषदों में प्रवेश करने की रणनीति अपनाई।
कारण (R): स्वराजवादियों का उद्देश्य परिषदों के भीतर से औपनिवेशिक नीतियों का विरोध करना था।

सही उत्तर: A
स्वराजवादियों ने परिषदों में प्रवेश करके औपनिवेशिक शासन की नीतियों में बाधा डालने की रणनीति अपनाई।

24. कथन (A): 1920 के दशक के अंत में किसान और ग्रामीण क्षेत्र आर्थिक संकट से प्रभावित हुए।
कारण (R): वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण कृषि उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट आई।

सही उत्तर: A
आर्थिक मंदी और कृषि कीमतों में गिरावट ने किसानों की आय और राजस्व भुगतान की क्षमता को प्रभावित किया।

भाग E — पैसेज आधारित प्रश्न

पैसेज:

महात्मा गांधी के लिए सत्याग्रह केवल किसी कानून का विरोध करने की तकनीक नहीं था। यह सत्य और अहिंसा पर आधारित एक नैतिक तथा राजनीतिक विचार था। गांधीजी का विश्वास था कि अन्यायपूर्ण सत्ता का विरोध करते समय सत्याग्रही को शारीरिक हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। सत्याग्रही को अपने विरोधी के प्रति घृणा करने के बजाय सत्य के माध्यम से उसके विवेक को बदलने का प्रयास करना चाहिए। इसी विचार ने चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद जैसे आंदोलनों में गांधीजी की कार्यपद्धति को प्रभावित किया और बाद में इसे व्यापक राष्ट्रीय आंदोलनों से भी जोड़ा गया।

25. सत्याग्रह का मूल आधार क्या था?

सही उत्तर: B
सत्याग्रह का आधार सत्य और अहिंसा था।
पैसेज:

असहयोग आंदोलन के दौरान विभिन्न सामाजिक समूहों ने स्वराज की कल्पना अपने अनुभवों के अनुसार की। अवध के किसानों के लिए स्वराज का अर्थ ऊँचे लगान, बेगार और जमींदारों के अत्याचार से मुक्ति था। गुडेम पहाड़ियों के आदिवासियों के लिए जंगलों पर पारंपरिक अधिकार और अपनी आजीविका की सुरक्षा महत्वपूर्ण थी। असम के चाय बागान मजदूर भी औपनिवेशिक नियंत्रण से मुक्ति को अपने जीवन की बेहतर परिस्थितियों से जोड़कर देखते थे।

26. अवध के किसानों के लिए स्वराज का प्रमुख अर्थ क्या था?

सही उत्तर: A
अवध के किसानों ने स्वराज को लगान, बेगार और जमींदारी शोषण से मुक्ति के रूप में देखा।

27. गुडेम पहाड़ियों के आदिवासियों की प्रमुख समस्या क्या थी?

सही उत्तर: A
औपनिवेशिक वन नीतियों ने आदिवासियों के पारंपरिक वन अधिकारों और आजीविका को प्रभावित किया।
पैसेज:

1930 में महात्मा गांधी ने नमक कानून को चुनौती देने का निर्णय लिया। नमक एक ऐसी वस्तु थी जिसका उपयोग समाज के लगभग सभी वर्ग करते थे। इसलिए नमक कर के विरोध को गांधीजी ने व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रभावी प्रतीक माना। उन्होंने 31 जनवरी 1930 को वायसराय इरविन को पत्र लिखकर 11 माँगें रखीं। बातचीत से समाधान न निकलने पर उन्होंने साबरमती आश्रम से दांडी तक मार्च किया और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा।

28. गांधीजी ने नमक को आंदोलन का प्रमुख प्रतीक क्यों बनाया?

सही उत्तर: B
नमक अमीर और गरीब दोनों के लिए आवश्यक था, इसलिए यह व्यापक जनसमुदाय को जोड़ने वाला प्रतीक बना।

29. गांधीजी ने वायसराय इरविन को पत्र कब भेजा?

सही उत्तर: B
गांधीजी ने 31 जनवरी 1930 को वायसराय इरविन को 11 माँगों वाला पत्र भेजा था।

30. दांडी मार्च का अंतिम उद्देश्य क्या था?

सही उत्तर: B
दांडी पहुँचकर नमक कानून तोड़ना सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत का महत्वपूर्ण कदम था।

🎉 आपका परिणाम

नीचे सभी प्रश्नों की सही उत्तर और व्याख्या देखें।