कक्षा 10 इतिहास

अध्याय 3: वैश्विक विश्व का निर्माण

NCERT Notes | हिंदी माध्यम

1. परिचय

आधुनिक विश्व एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। वस्तुएँ, लोग, विचार, धन और तकनीक एक देश से दूसरे देश तक पहुँचते हैं। लेकिन वैश्वीकरण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। वैश्विक विश्व के निर्माण का एक लंबा इतिहास रहा है।

2. पूर्व-आधुनिक विश्व

आधुनिक काल से पहले भी लोग लंबी दूरी की यात्राएँ करते थे।

यात्रा के प्रमुख कारण

  • व्यापार
  • रोजगार
  • धार्मिक उद्देश्य
  • उत्पीड़न से बचना
  • रोमांच और खोज

3. रेशम मार्ग

रेशम मार्ग एशिया को यूरोप और अफ्रीका से जोड़ते थे। ये प्राचीन व्यापारिक मार्ग थे।

मुख्य व्यापारिक वस्तुएँ

  • रेशम
  • मसाले
  • वस्त्र
  • कीमती धातुएँ

रेशम मार्गों के माध्यम से विचारों, धर्मों और संस्कृतियों का भी आदान-प्रदान हुआ।

4. भोजन की यात्राएँ

भोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। कई खाद्य पदार्थ अपने मूल स्थान से दुनिया के अन्य भागों तक पहुँचे।

  • आलू
  • मक्का
  • टमाटर
  • मिर्च
  • सोयाबीन
महत्वपूर्ण: अमेरिका की खोज के बाद कई खाद्य पदार्थ यूरोप और विश्व के अन्य भागों तक पहुँचे।

5. बीमारी और व्यापार

लोगों के आवागमन के कारण बीमारियाँ भी फैलीं। यूरोपीय विजेता चेचक जैसी बीमारियाँ अमेरिका लेकर गए।

अमेरिका के मूल निवासियों में इन बीमारियों के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता नहीं थी। इस कारण लाखों लोगों की मृत्यु हुई।

6. उन्नीसवीं शताब्दी (1815–1914)

उन्नीसवीं शताब्दी में विश्व अर्थव्यवस्था में बड़े परिवर्तन हुए। तीन महत्वपूर्ण प्रवाह विकसित हुए।

  • व्यापार का प्रवाह
  • श्रम का प्रवाह
  • पूँजी का प्रवाह

7. कॉर्न लॉज़

ब्रिटेन ने खाद्यान्न के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। इन कानूनों को कॉर्न लॉज़ कहा जाता था।

कॉर्न लॉज़ समाप्त होने के बाद

  • खाद्यान्न का आयात बढ़ा।
  • खाद्य पदार्थ सस्ते हुए।
  • ब्रिटिश कृषि में परिवर्तन आया।
  • कई लोग रोजगार की तलाश में शहरों और दूसरे देशों में गए।

8. तकनीक की भूमिका

नई तकनीकों ने वैश्विक व्यापार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • रेलवे
  • भाप के जहाज
  • टेलीग्राफ

इन तकनीकों के कारण परिवहन और संचार तेज तथा सस्ता हो गया।

9. रिंडरपेस्ट

रिंडरपेस्ट मवेशियों में फैलने वाली एक घातक बीमारी थी। यह 1890 के दशक में अफ्रीका में फैली।

प्रभाव

  • लाखों पशुओं की मृत्यु हुई।
  • अफ्रीकी लोगों की आजीविका नष्ट हो गई।
  • अफ्रीकी लोग यूरोपीय उपनिवेशवादियों पर निर्भर हो गए।
  • अफ्रीका पर यूरोपीय नियंत्रण मजबूत हुआ।

10. अनुबंधित श्रमिक

अनुबंधित श्रमिक वे मजदूर थे जो एक निश्चित अवधि के लिए किसी नियोक्ता के साथ काम करने का अनुबंध करते थे।

भारतीय श्रमिकों को भेजा गया

  • कैरेबियन द्वीपों में
  • मॉरीशस
  • फिजी
  • श्रीलंका
  • मलाया

वे बागानों, खानों और निर्माण कार्यों में काम करते थे।

11. भारत और वैश्विक विश्व

उन्नीसवीं शताब्दी की विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

भारत से मुख्य निर्यात

  • कच्चा कपास
  • जूट
  • गेहूँ
  • अफीम

भारत ब्रिटेन में निर्मित वस्तुओं का एक बड़ा बाजार बन गया।

12. महामंदी

महामंदी की शुरुआत लगभग 1929 में हुई। इसका विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा।

महामंदी के कारण

  • अत्यधिक कृषि उत्पादन
  • कीमतों में गिरावट
  • बैंकों का बंद होना
  • मांग में कमी
  • बेरोजगारी

महामंदी के प्रभाव

  • उत्पादन कम हो गया।
  • विश्व व्यापार घट गया।
  • किसानों को भारी नुकसान हुआ।
  • बेरोजगारी बढ़ गई।
  • अनेक व्यवसाय बंद हो गए।

13. भारत पर महामंदी का प्रभाव

  • कृषि उत्पादों की कीमतें गिर गईं।
  • किसानों की आय कम हो गई।
  • लगान देना कठिन हो गया।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज बढ़ गया।

14. द्वितीय विश्व युद्ध

द्वितीय विश्व युद्ध 1939 में शुरू हुआ और 1945 में समाप्त हुआ।

इस युद्ध ने भारी विनाश किया और विश्व की अर्थव्यवस्था तथा राजनीतिक व्यवस्था को बदल दिया।

15. ब्रेटन वुड्स व्यवस्था

जुलाई 1944 में कई देशों के प्रतिनिधि अमेरिका के ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर मिले।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)

इसका उद्देश्य सदस्य देशों की बाहरी वित्तीय समस्याओं से निपटना था।

विश्व बैंक

इसकी स्थापना युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए की गई।

16. उपनिवेशवाद का अंत और स्वतंत्रता

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एशिया और अफ्रीका के कई देशों को स्वतंत्रता मिली।

मुख्य समस्याएँ

  • गरीबी
  • बेरोजगारी
  • उद्योगों की कमी
  • विकसित देशों पर आर्थिक निर्भरता

17. आधुनिक विश्व में वैश्वीकरण

1970 के दशक के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने उत्पादन को एशियाई देशों की ओर स्थानांतरित करना शुरू किया क्योंकि वहाँ श्रम सस्ता था।

चीन विनिर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।

आज वैश्वीकरण देशों को जोड़ता है

  • व्यापार
  • तकनीक
  • निवेश
  • प्रवास
  • संचार

महत्वपूर्ण तिथियाँ

वर्ष घटना
1890 का दशक अफ्रीका में रिंडरपेस्ट फैला
1929 महामंदी की शुरुआत
1939 द्वितीय विश्व युद्ध शुरू
1944 ब्रेटन वुड्स सम्मेलन
1945 द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त

महत्वपूर्ण शब्दावली

वैश्वीकरण: विभिन्न देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों के आवागमन के माध्यम से बढ़ते संबंध।

रेशम मार्ग: एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने वाले प्राचीन व्यापारिक मार्ग।

अनुबंधित श्रमिक: निश्चित समय के अनुबंध के तहत काम करने वाले श्रमिक।

रिंडरपेस्ट: मवेशियों में फैलने वाली एक घातक बीमारी।

महामंदी: 1929 में शुरू हुआ विश्वव्यापी आर्थिक संकट।

IMF: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष।