1. वायुमंडल का परिचय
वायुमंडल पृथ्वी को चारों ओर से घेरने वाला गैसों का विशाल आवरण है। यह पृथ्वी पर जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वायुमंडल सूर्य से आने वाली ऊर्जा के प्रभाव को नियंत्रित करता है तथा पृथ्वी के तापमान को जीवन के अनुकूल बनाए रखने में सहायता करता है।
2. वायुमंडल की संरचना
वायुमंडल मुख्य रूप से नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प जैसी गैसों से बना है।
| गैस | लगभग मात्रा | महत्व |
|---|---|---|
| नाइट्रोजन | 78% | पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के चक्र में महत्वपूर्ण |
| ऑक्सीजन | 21% | श्वसन और दहन के लिए आवश्यक |
| अन्य गैसें | लगभग 1% | आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि |
3. वायुमंडल की प्रमुख परतें
ऊँचाई के आधार पर वायुमंडल को विभिन्न परतों में बाँटा जाता है। प्रत्येक परत की अपनी विशेषताएँ हैं।
क्षोभमंडल (Troposphere)
यह वायुमंडल की सबसे निचली परत है। मनुष्य जिस वातावरण में रहता है, वह इसी परत का हिस्सा है। अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ जैसे बादल, वर्षा और आँधी इसी परत में होती हैं।
समतापमंडल (Stratosphere)
यह क्षोभमंडल के ऊपर स्थित है। इसी क्षेत्र में ओजोन परत पाई जाती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मध्यमंडल (Mesosphere)
इस परत में तापमान सामान्यतः ऊँचाई के साथ कम होता है। अनेक छोटे उल्कापिंड इस क्षेत्र में घर्षण के कारण जल जाते हैं।
तापमंडल (Thermosphere)
यह बहुत ऊँचाई पर स्थित परत है। यहाँ सूर्य से आने वाली उच्च ऊर्जा विकिरण का प्रभाव अधिक होता है।
बहिर्मंडल (Exosphere)
यह वायुमंडल की सबसे बाहरी परत है और धीरे-धीरे अंतरिक्ष में विलीन हो जाती है।
4. मौसम और जलवायु
मौसम (Weather): किसी स्थान पर किसी विशेष समय में वायुमंडल की स्थिति को मौसम कहते हैं।
जलवायु (Climate): किसी स्थान के लंबे समय तक देखे गए मौसम के औसत और सामान्य स्वरूप को जलवायु कहा जाता है।
| मौसम | जलवायु |
|---|---|
| कम समय की स्थिति | लंबे समय का सामान्य स्वरूप |
| तेजी से बदल सकता है | धीरे-धीरे बदलती है |
| दिन-प्रतिदिन की स्थिति | कई वर्षों के आँकड़ों पर आधारित |
5. तापमान
तापमान किसी वस्तु या स्थान की गर्मी अथवा ठंडक की मात्रा को दर्शाता है। पृथ्वी के विभिन्न भागों में तापमान समान नहीं होता।
तापमान को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं:
- अक्षांश
- ऊँचाई
- समुद्र से दूरी
- स्थल और जल का वितरण
- बादल और हवाएँ
- समुद्री धाराएँ
6. वायुदाब
वायुदाब किसी सतह पर वायुमंडल द्वारा लगाए गए दबाव को कहते हैं। तापमान और ऊँचाई में परिवर्तन के कारण वायुदाब में भी परिवर्तन होता है।
7. पवन
वायु का एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर क्षैतिज गति करना पवन कहलाता है। पवन सामान्यतः उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर चलती है।
पवन के प्रमुख प्रकार
- स्थायी पवन
- मौसमी पवन
- स्थानीय पवन
8. आर्द्रता
वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं। तापमान बढ़ने पर वायु अधिक जलवाष्प धारण कर सकती है।
9. संघनन और वर्षण
जब जलवाष्प ठंडी होकर जल की छोटी-छोटी बूंदों या बर्फ के कणों में परिवर्तित होती है, तो इसे संघनन कहते हैं।
बादलों से जल का पृथ्वी की सतह पर वर्षा, हिमपात या अन्य रूपों में गिरना वर्षण कहलाता है।
10. भारतीय मानसून
भारत की जलवायु पर मानसूनी पवनों का बहुत महत्वपूर्ण प्रभाव है। मानसून ऋतु में समुद्र से स्थल की ओर आने वाली नम हवाएँ भारत के अनेक भागों में वर्षा लाती हैं।
- कृषि के लिए जल उपलब्ध कराता है।
- जलाशयों और नदियों को पानी मिलता है।
- भूजल पुनर्भरण में सहायता करता है।
- देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
11. जलवायु परिवर्तन
लंबे समय में पृथ्वी की जलवायु के स्वरूप में होने वाले महत्वपूर्ण परिवर्तन को जलवायु परिवर्तन कहा जाता है।
मानवीय गतिविधियाँ जैसे जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग, वनों की कटाई और कुछ औद्योगिक गतिविधियाँ वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ा सकती हैं।
12. ग्रीनहाउस प्रभाव
वायुमंडल की कुछ गैसें पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मा के एक भाग को अवशोषित करके पृथ्वी के तापमान को बनाए रखने में सहायता करती हैं। इसे ग्रीनहाउस प्रभाव कहा जाता है।
13. कार्बन फुटप्रिंट
किसी व्यक्ति, संस्था या गतिविधि के कारण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की कुल मात्रा को कार्बन फुटप्रिंट कहा जाता है।
कार्बन फुटप्रिंट कम करने के उपाय
- ऊर्जा की बचत करना।
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना।
- पेड़ लगाना और वनों की रक्षा करना।
- नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना।
- अनावश्यक वस्तुओं की खपत कम करना।
14. त्वरित पुनरावृत्ति
- वायुमंडल पृथ्वी को घेरने वाला गैसीय आवरण है।
- वायुमंडल में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन प्रमुख गैसें हैं।
- अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ क्षोभमंडल में होती हैं।
- ओजोन परत समतापमंडल में पाई जाती है।
- मौसम अल्पकालीन वायुमंडलीय स्थिति है।
- जलवायु लंबे समय के मौसम का सामान्य स्वरूप है।
- पवन उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर चलती है।
- भारतीय कृषि मानसून पर काफी निर्भर करती है।
- ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि जलवायु परिवर्तन को प्रभावित कर सकती है।
15. महत्वपूर्ण शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| वायुमंडल | पृथ्वी के चारों ओर गैसों का आवरण |
| मौसम | किसी समय की वायुमंडलीय स्थिति |
| जलवायु | लंबे समय का मौसम संबंधी सामान्य स्वरूप |
| आर्द्रता | वायु में जलवाष्प की मात्रा |
| वायुदाब | वायु द्वारा लगाया गया दबाव |
| संघनन | जलवाष्प का द्रव या ठोस रूप में बदलना |
| वर्षण | बादलों से जल का पृथ्वी पर गिरना |
16. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- वायुमंडल क्या है?
- वायुमंडल की प्रमुख परतों का वर्णन कीजिए।
- मौसम और जलवायु में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- तापमान को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
- वायुदाब और पवन के बीच संबंध समझाइए।
- आर्द्रता और संघनन क्या है?
- भारतीय मानसून का महत्व समझाइए।
- जलवायु परिवर्तन से आप क्या समझते हैं?
- ग्रीनहाउस प्रभाव क्या है?
- कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उपाय बताइए।
वायुमंडल → परतें → तापमान → वायुदाब → पवन → आर्द्रता → वर्षण → मानसून → जलवायु परिवर्तन