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कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान | अध्याय 7

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अध्याय 7 – चुनाव

अध्याय का परिचय:
लोकतंत्र में चुनाव जनता को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर प्रदान करते हैं। चुनाव के माध्यम से नागरिक सरकार के निर्माण में भाग लेते हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपने प्रतिनिधियों को बदल भी सकते हैं।

1. चुनाव का अर्थ

चुनाव वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव सरकार को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक नागरिक का सरकार के प्रत्येक निर्णय में सीधे भाग लेना संभव नहीं है। इसलिए नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।

2. लोकतंत्र में चुनाव क्यों आवश्यक हैं?

3. लोकतांत्रिक चुनाव की प्रमुख विशेषताएँ

एक लोकतांत्रिक चुनाव केवल मतदान कराने तक सीमित नहीं होता। एक वास्तविक लोकतांत्रिक चुनाव में नागरिकों को स्वतंत्र रूप से अपनी पसंद व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।

4. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार

भारत में प्रत्येक वयस्क नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान करने का अधिकार प्राप्त है, बशर्ते वह कानून द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूरा करता हो।

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार राजनीतिक समानता का महत्वपूर्ण आधार है।

5. निर्वाचन क्षेत्र

देश को चुनाव कराने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में बाँटा जाता है। प्रत्येक क्षेत्र को निर्वाचन क्षेत्र कहा जाता है।

प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।

6. आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र

भारतीय लोकतंत्र में समाज के वंचित वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित किया गया है।

आरक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को विधायिकाओं में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।

7. चुनाव प्रक्रिया

भारत में चुनाव एक निश्चित प्रक्रिया के अंतर्गत कराए जाते हैं।

  1. निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण।
  2. मतदाता सूची तैयार करना।
  3. उम्मीदवारों द्वारा नामांकन।
  4. नामांकन पत्रों की जाँच।
  5. चुनाव प्रचार।
  6. मतदान।
  7. मतगणना।
  8. परिणाम की घोषणा।

8. चुनाव प्रचार

चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दल और उम्मीदवार मतदाताओं के सामने अपनी नीतियाँ, कार्यक्रम और विचार प्रस्तुत करते हैं।

चुनाव प्रचार का उद्देश्य मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करना होता है।

9. राजनीतिक दलों की भूमिका

10. भारत का निर्वाचन आयोग

भारत में चुनावों के संचालन और निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है।

निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है।

11. मतदाता सूची

मतदाता सूची में उन नागरिकों के नाम शामिल होते हैं जिन्हें चुनाव में मतदान करने का अधिकार है।

सही और अद्यतन मतदाता सूची स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक है।

12. चुनावों में EVM और VVPAT

भारत में मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग किया जाता है। VVPAT प्रणाली मतदाता को उसके वोट की पुष्टि देखने का अवसर प्रदान करती है।

13. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का महत्व

यदि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होंगे तो जनता की वास्तविक इच्छा सरकार में प्रतिबिंबित नहीं हो पाएगी। इसलिए लोकतंत्र की सफलता के लिए निष्पक्ष चुनाव अत्यंत आवश्यक हैं।

14. चुनावों की प्रमुख चुनौतियाँ

त्वरित पुनरावृत्ति

याद रखें:
चुनाव = प्रतिनिधि का चयन + जनता की भागीदारी + जवाबदेही + सरकार बदलने का अवसर

महत्वपूर्ण शब्द

अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. चुनाव क्या है?
  2. लोकतंत्र में चुनाव क्यों आवश्यक हैं?
  3. लोकतांत्रिक चुनाव की प्रमुख विशेषताओं को समझाइए।
  4. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से क्या समझते हैं?
  5. निर्वाचन क्षेत्र क्या है?
  6. भारत में आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों की आवश्यकता क्यों है?
  7. भारत में चुनाव की प्रक्रिया को क्रमबद्ध रूप से समझाइए।
  8. राजनीतिक दल चुनाव में क्या भूमिका निभाते हैं?
  9. निर्वाचन आयोग के प्रमुख कार्यों को समझाइए।
  10. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र के लिए क्यों आवश्यक हैं?
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